Beautiful Ghalib Shayari

नमस्ते दोस्तों हम यहाँपे लेकर आये है कुछ बेहतरीन और मशहूर मिर्ज़ा ग़ालिब साहब की शायरीज | आशा करते है ये (Famous Ghalib Shayari) आपको बहुत पसंद आएंगे | आप से गुज़ारिश है की आप ये अपने प्रियजनों के साथ सांझा करे…धन्यवाद् !

Best Ghalib Shayari

ज्यादा ख्वाहिशे नहीं है अब,
बस अगला लम्हा पिछले से बेहतर हो काफी है !

जब भी टूटो अकेले में टूटना,
क्योंकि ये दुनियां तमाशा देखने में
बहुत माहिर है…

अक्सर बेहतरीन की खोज में हम,
बेहतर को भी खो देते हैं !

शक करने वालों को हक नहीं दिया करते,
और हक देने वालों पे शक नहीं किया करते !

दो मुलाक़ात क्या हुई हमारी तुम्हारी,
निगरानी मे सारा शहर लग गया !

खुद को किसी की अमानत समझकर,
हर लम्हा वफादार रहना ही इश्क़ है !

किसी ने पूछा इश्क़ हुआ था,
हम मुस्कराकर बोले आज भी है !

मेरी ख्वाहिशें ज्यादा थी,
और उसकी जरुरते…!

दर्द जब दिल में हो तो दवा कीजिए,
दिल ही जब दर्द हो तो क्या कीजिए !

बड़ी लंबी गुफ़्तगू करनी है,
तुम आना एक पूरी ज़िंदगी लेकर !

गुनाह करके कहां जाओगे ‘गालिब,
ये जमीन ये आसमान सब उसी का है !

इन हाथों कि लकिरों पर मत जा ‘गालिब’,
नसीब उनके भी होते हैं जिनके हाथ नहीं होते..!

इश्क़ में नामकरण का मजा ही अलग है,
वो जिस नाम से भी बुलाए, अच्छा लगता है !

Spread the love

Leave a Comment